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BAR CODE TECHNOLOGY क्या है ? | ये कैसे काम करता है ?

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What is Bar Code Technology in Hindi

What is Bar Code Technology in Hindi. Hello Friends! Techno Gyan में आपका स्वागत करता हु एक और नए ब्लॉग में। आज हम बात करेंगे Bar Code के बारे, की Bar Code Technology क्या होता है और इसका इस्तेमाल हम कैसे करते है।

आप जब Shopping Mall में गए होंगे या किसी बड़े Shop में गए होंगे और आपने ऐसा प्रोडक्ट ख़रीदा होगा जिसके Back Side में कुछ Lines बनी होंगी काले रंग की तो हमारे मन में सवाल आता है की आखिर ये क्या है। फिर जब हम Cash Counter पर जाते है तब Cash Counter वाले हमारे उस प्रोडक्ट को लेकर एक device से Scan करते है और स्कैन होते ही उस प्रोडक्ट का price उसके कंप्यूटर स्क्रीन पर दिखने लगता है. कहने का मतलब हुआ की उस प्रोडक्ट का बिल generate हो जाता है.

तो friends आज मै इस टॉपिक में यही सब cover करने वाला हूँ. तो चलिए आगे बढ़ते है और इस ब्लॉग में सिखते है की What is Bar Code Technology in Hindi में।

तो बने रहिये हमारे साथ और नए नए Tech से Related जानकारी लेते रहिये।

WHAT IS BAR CODE TECHNOLOGY – BAR CODE क्या है ?

अगर हम Bar Code के defination की बात करे तो ये एक machine Readable Code होता है जो number के Format में रहता है और ये Parallel Line में अलग अलग प्रोडक्ट पर दिए हुए रहता है। इसके use से कोई भी Company बड़ी ही आसानी से उस प्रोडक्ट के Price और Stock Level को Track कर पाती है।

इसके use से कंपनिया अपने Efficiency को बढ़ा सकती है क्योकि ये लोग इसी के जरिये सबकुछ track करती रहती है. इस Line को देख कर हम भी सोचते रहते है की आखिर ये किसलिए होता है. तो ये लाइन बड़े ही काम की लाइन साबित होती है कंपनियों के लिए. जिसको हमलोग किसी भी Bar Code Scanner की हेल्प से Scan कर सकते है, और उस प्रोडक्ट पर दिया Data को बड़े ही आसानी से Computer में Feed कर सकते है।

HISTORY

इस तकनीक को दो लोग मिलकर develop किये थे. जो की दोनों एक स्टूडेंट्स थे जिनमे एक थे Bernard Silver और दुसरे Norman Josheph Woodland थे. ये दोनों Pennsylvania University के स्टूडेंट्स थे. इस टेक्नोलॉजी को 1948 में develop कर लिया गया था. इसको 1 D Bar Code के नाम से भी जाना जाता था.

इस bar code technology का ख्याल सबसे पहले Bernard को आया था. जो कही लोकल फ़ूड स्टोर के लाइन को देखा की उसमे Automatically प्रोडक्ट की जानकारी लेने में प्रॉब्लम हो रही है. क्यों न ऐसा कुछ बनाया जाये जिसके हेल्प से अपने आप पता चल जाये की प्रोडक्ट और कितना बचा हुआ है.

next कुछ सालों के बाद बहुत सारे रिसर्च करने के बाद ये दोस्तों ने इस Bar Code को develop कर लिया. ये मार्किट में प्रोडक्ट के चेक आउट process को काफी fast बना दिया और वो भी काफी accuracy के साथ.

हालांकि Technology से काफी  सहायता मिली थी, लेकिन इसकी अपनी कुछ Limitation थीं।

जब ये लोग Bar Code को develop कर लिए तो उसमे कुछ limitation थे, जिनको दूर करने के लिए 2 D Bar Code technology को develop किया गया. इसमें सबसे पहला 2 D Bar Code 1987 में Devid Alayas द्वारा बनाया गया था. 2 D Bar Code technology, 1 D Bar Code technology से काफी अच्छी थी क्योकि इसमें ज्यादा से ज्यादा डाटा store करने की capacity था. टाइम के साथ और भी 2 D Bar Code technology जैसे एज़्टेक कोड, डेटा मैट्रिक्स और क्यूड develop किये गए थे.

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TYPES OF BAR CODE

जब बार Code मार्किट में आया था तब ये Dimension में ही था जिसमे सिर्फ Lines ही थी लेकिन आजकल काफी फॉर्मेट में मार्किट में आ गयी है जिसको हमलोग Mobile से भी Scan कर के उसके बारे में पता कर सकते है।

BAR CODE BASICALLY TWO टाइप्स के होते है:

  1. 1 D
  2. 2 D

1 DIMENSIONAL :

ये तकनीक 1 D UPC(Universal Product Code) के उपर कार्य करता है जिसको की दो पार्ट में divide किया गया है. जिसमे पहला वाला Bar Code होता है और दूसरा वाला 12 Digit UPC नंबर. इसमें first 6 डिजिट Manufacturer Identification नंबर होता है और बाकी का 5 डिजिट आइटम नंबर को show करता है. और इसी में लास्ट डिजिट स्कैनर को ये बताने का काम करता है की स्कैनिंग सही से हुआ है या नहीं. ये स्कैनर सिर्फ text को ही स्कैन कर सकता है.

2 DIMENSIONAL :

इस 2 D या 2 डायमेंशनल technology में text के साथ साथ और भी बहुत जानकारी को स्कैन करता है. जैसे की यूआरएल, प्रोडक्ट price या image इत्यादि. 1 D वाले स्कैनर से हम 2 D वाले code स्कैन नहीं कर सकते है. इस तरह के code को हमलोग लेटेस्ट मोबाइल के कैमरा से भी स्कैन कर सकते है.

बार कोड काम कैसे करता है?

आइये अब जानते है की बार code वर्क किस तरह से करता है? इस बार code में हर एक नंबर का लाइन कैसा रहेगा और ये कितना पतला या मोटा रहेगा ये पहले से define किया रहता है. जब स्कैनर का लेज़र लाइट इस लाइन पर पड़ता है तो वो लाइट उजला लाइन से रिफ्लेक्ट होकर receiver को सुचना send करता है.

जिससे receiver 0,1 का sequence बनाता है और उसको seven segment में divide करके ये पता लगाता है की कौन सा नंबर है. इस तरह से bar code scanner डाटा को स्कैन कर के कंप्यूटर डिस्प्ले तक डाटा पहुचाता है.

बार कोड का इस्तेमाल:

  • Bar Code का सबसे ज्यादा इस्तेमाल Mall, Groccery Shop, Post Office में Speed Post के लिए
  • Medical Line में
  • आज कल स्कूल और होटल में भी Check In और Check Out में use होता है
  • Electronic Record Storage और Retrival में
  • Driving licence और Coupons में
  • Consumer Retail Goods में

QR(QUICK RESPONSE) CODE:

What is Bar Code Technology in Hindi

Image of Bar Code Technology

QR code की बात की जाये तो ये square shape में बहुत से डॉट डॉट जैसे symbol से मिल कर बने होते है. ये आजकल टिकट के उपर या online साईट के उपर या visiting कार्ड के उपर बने होते है. इस code से इनफार्मेशन को शेयर करने में काफी हेल्प मिलता है.

QR Code में ज्यादा Information Store होता है और इसमें Error को ठीक भी किया जा सकता है जैसे अगर आपका QR Code थोडा कट भी जायेगा तो उसको हम आसानी से Recover कर सकते है।

अगर इस कोड में ज्यादा Information Store होता है तो बेसक इसका डिजाईन भी काफी Tough होगा. इस कोड में 3 Block बने होते है जो 3 Square शेप में रहते है।

CONCLUSION

तो दोस्तों आपको ये टॉपिक What is Bar Code Technology कैसा लगा. आशा करता हु इसमें आपको सारे डाउट Bar Code Technology से रिलेटेड क्लियर हो गए होंगे. अगर कही भी कुछ समझ न आये तो कृपया हमें कमेंट कर के या mail के जरिये पूछ सकते है.

अगर कुछ कमी हो तो उसको भी बताये. इससे Related और कोई प्रश्न है तो हमें बताये मैं उसका Answer जरूर दूंगा जिससे आपलोग उसके बारे में और जान सके. आप को Tech से Related जो भी Questions है आप मुझसे question कर सकते है या अपने बातो को हमारे blog के जरिये शेयर कर सकते है.तो कृपया कमेंट जरुर करे या हमें Mail करे technogyanin@gmail.com

Thank You

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